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इस लोकोक्ति का अर्थ है कि भगवान हरि (विष्णु) के गुण और कथाएँ अनंत और असीमित हैं। • यह भक्ति और श्रद्धा के संदर्भ में उपयोग किया जाता है। • यह भगवान की महानता और गुणों की असीमता को व्यक्त करता है।
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिये ?
उन्होने अपना यज्ञ .........स...
निम्न में कौन सही है ?
निम्नलिखित शब्दों में से undertaking का सही पर्याय है ?
संज्ञा के गुण, रंग आकार बताने वाला विशेषण कहलाते हैं
निम्न में से शुद्ध शब्द का चयन कीजिए
सूची 1 को सूची 2 से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दि...
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द तत्सम नहीं है ?
निम्नलिखित में रचना और रचनाकारओ के असंगत युग्म का चयन कीज...
हिन्दी भाषा के लिए “साहित्ये अकादेमी पुरस्कार 2022” हेतु नि...
'बहुत आदमी' में 'बहुत' किस प्रकार का विशेषण है?