Start learning 50% faster. Sign in now
स्वर-संधि के पाँच प्रमुख भेद होते हैं: 1. दीर्घ-संधिः जब दो स्वर मिलकर एक दीर्घ स्वर (लंबा स्वर) का रूप धारण करते हैं। उदाहरण: "नदी" + "के" = "नदीके"। 2. गुण-संधिः जब एक स्वर का गुणात्मक परिवर्तन होता है, जैसे अ + आ = आ। 3. यण-संधिः जब स्वरों के मिलन से 'य' का प्रयोग होता है। उदाहरणः "मूल" + "आकर्षण" = "मूलाकर्षण"। 4. अयादि-संधिः इसमें स्वर के बाद आने वाले स्वर के कारण परिवर्तन होता है। उदाहरण: "नदी" + "के" = "नदीके"। 5. कृदंत-संधिः जब क्रिया से उत्पन्न होने वाला प्रत्यय किसी स्वर के साथ मिलकर स्वर परिवर्तन करता है। उदाहरण: "चल" + "इसी" "चलीसी"।
The fertilizer having all the three primary major nutrients viz. N, P, K is termed as
Longest stage of cell cycle is
Which of the following is a nematode disease of rice ?
Total wheat production according to third advance estimate of 2023-24 is ___
Spongilla is the common example which belongs to……………….Phylum of Animal Kingdom.
What is the required conversion period for an organic farm to be certified?
Ballast elements are
Which process converts cotton fibres into yarn by adding twist?
H2PO4- is absorbed greatest at ph of
Which of the following is the sexual spores of fungi?